नैनो जैव विज्ञान ग्रुप

तत्कालीनसूक्ष्मजीवविज्ञान प्रभाग में’धातु सूक्ष्मजीवइंटरैक्शन’पर अनुसंधान कार्य किया जाता था। उसी का परिवर्तनकर के वर्ष 2007 में नैनोजैवविज्ञानग्रुप की स्थापनाकी गयी।

‘क्या धातु से जुड़ेसूक्ष्मजीवनैनोकणों का निर्माण कर सकते है?’ इस प्रश्न को लेकर इस ग्रुप ने सर्वप्रथम ‘सूक्ष्मजीवविज्ञान द्वारा पदार्थ विज्ञानऔर अभियांत्रिकी’के क्षेत्र में अपनी पहली मोहर लगाई।नैनोजैवविज्ञानके सभी पहलुओंको ले कर एक मज़बूतअनुसंधान कार्यक्रमतैयार किया गया।

मानवीय स्वास्थ्य,कृषि औरपर्यावरण में सुधारको लक्ष्यबना कर नैनोपदार्थों का संश्लेषणऔरउनका लक्षण वर्णन,उत्पादोंका विकास,उपकरणोंका लघु रूपांतरण,विभिन्नजैविकघटनाओंका अध्ययन इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।

नैनोजैवविज्ञानग्रुपमें सूक्ष्मजीव विज्ञान,जैव प्रौद्योगिकी,औषधि विज्ञान,विषाणु विज्ञान,भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में विशेषज्ञताउपलब्ध है।